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COMMON HAND TOOLS

CHAPTER-2   COMMON HAND TOOLS 1. पेंचकस   का साईज का निर्धारण इनके ब्लेड के आधार पर किया जाता है। 2. पेचकस का वह भाग जो हार्ड व टैम्पर किया हुआ भाग बिट कहलाता है। 3. इलैक्ट्रिषियन के कार्य में उपयोग होने वाले पेचकस का हैण्डिल सेल्यूलोज से बना होता है। 4. किसी कार्य विषेष के लिए पेचकस का चयन पेच का साइज के अनुसार किया जाता है। 5. एक इलैक्ट्रिषियन के कार्य में सबसें अधिक उपयोग इन्सुलेटिड कम्बीनेषन प्लायर होता है। 5. काम्बीनेषन प्लायर के साईज का जबडे के सिरे से हैण्डिल के अन्त सिरे तक निर्धारण किया जाता हैं। 6. प्लायर के दोनों जबडे रिवेट से जुड रहते है। 7. प्लायर को जाच हाने पर इसे खोलने के लिए मोबाइल आयल डालना चाहिये। 8. सामान्य साईड कटिंग प्लायर का साइज   15cm  होता है। 9. लकडी के बोर्ड में पेच कसने से पूर्व ब्राडल का उपयोग करना चाहिये । 10. फेज टेस्टर का उपयोग फेज चेक करने के लिए किया जाता है। 11. फेज टेस्टर में लगा लैम्प नियोन लैम्प होता हैं। 12. फेज टेस्टर का उपयोग   500watt  से अधिक प्रदाय पर नहीं करना चाहिय। 13. एक बा...

POLY-PHASE ELCTRIC SYSTEM

                                                                       CHAPTER-11                                                       (POLY-PHASE ELCTRIC SYSTEM) 1. डेल्टा कनेक्षन में सिंगल फेज की वाइन्डिग टूटी हुयी हो तों ये ओपन डेल्टा कनेक्षन कहलातें है। 2. फेज वोल्टेज ,  लाइन व स्टार प्वाइन्ट के मध्य मापी जाती है। 3. जब पावर फैक्टर  0.5  से ऊपर हो तब दोनों वाट-मीटर पोजिटिव पाठ्यांक देगें। 4. दो एक समान रेजिस्टेन्स जिनकी प्रेषर क्वॉइल के रेजिस्टेन्स बराबर हो के जोडकर ,  स्टार प्वांइट   बनाकर नयूट्रल प्राप्त करतें है। 5. डेल्टा कनेक्षन में फेज वोल्टेज लाइन वोल्टेज के बराबर होती है। 6. डेल्टा कनेक्षन में लाइन करंट फेज करंट का  √3...

BASIC ELECTRONIC

                                                               CHAPTER-12                                                          (BASIC ELECTRONIC) 1. जमेंनियम तथा सिनिकॉन बैण्ड गेप(इलेक्ट्रॉन वोल्ट में)   0.7, 1.1   है। 2. संधि डायोड की उत्क्रम अभिनति का प्रतिरोध   106  Ω   ओम्ह होता है। 3. ताप में पर्याप्त वृद्धि करने पर अर्द्धचालक की चालकता बढती है। 4. अवक्षय पर्त में विभव प्राचीर का कारण वर्जित स्तर(बैंड)। 5. संयोजकता बैण्ड और चालन बैण्ड के बीच ऊर्जा अन्तराल को वर्जित ऊर्जा अंतराल कहतें है। 6. फर्मी स्तर की संगत ऊर्जा को फर्मी ऊर्जा स्तर कहते है। 7. अर्द्धचालक वे पदार्थ जिनकी विद्युत चालकता चालक और विद्युत्राधी के मध्य होती है। 8. अषुद्ध...

MAGNETISM

                                                    Chapter-9                                         चुम्बक( MAGNETISM) 1. लौह चुम्बकीय पदार्थो में   200-1000   चुम्बकषीलता होती है। 2. चुम्बकीय फलक्स की इकाई वेबर   WB  है। 3. चुम्बकीय बल रेखाएं किसी भी पदार्थ में से निकल सकती है। 4. मैग्नेटिक लीकेज फैक्टर=उपयोगी फलक्स/पूर्ण फलक्स होता है। 5. चुम्बकों चुम्बकीय षक्ति को सुरक्षित रखने वाली युक्ति कीपर कहलाती है। 6. फलक्स ,  एम्पियर-टर्न   AI  के प्रत्यक्ष अनुपाती होता है। 7. चुम्बकीय बल रेखाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चलती है। 8. हिस्ट्रेसिस हानि कों लेमीनेटेड कोर को लगाकर कम किया जाता है। 9. जेनरेटर में उत्पन्न  E.M.F.  की दिषा फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से ज्ञात करतें है। 10. डेड बीट यंत्र में...

ELECTROLYSIS

                                                        CHAPTER-8                                                     ELECTROLYSIS 1. यदि एक लैड-एसिड सैल  1.1  विषिष्ट गुरूत्व और  1.8  वोल्टेज दर्षाता है तो सैल पूरी तरह डिस्चार्ज्ड है। 2. विद्युत बैट्री ,  रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है। 3. एल्कलाइन सैल का जीवन ,  लैड-एसिड सैल की अपेक्षा अधिक होता है। 4. रिचार्जेबल सैल को सैकण्डरी सैल भी कहते है। 5. गन्धक के अम्ल को पानी में बून्द-बून्द करके डालना चाहिये। 6. ड्राइ सैल में डीपोलेराइजर मैंगनीज डाईऑक्साइड होता है। 7. लैड एसिड बैट्री का कन्टेनर गन्धक युक्त रबड का बना होता है। 8. लैड एसिड बैट्री की रेटिंग व निकिल आयरन सैल की रेटिंग एम्पियर आवर में होती है। 9. एक स...