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MAGNETISM

                                                   Chapter-9
                                       चुम्बक(MAGNETISM)
1.लौह चुम्बकीय पदार्थो में 200-1000 चुम्बकषीलता होती है।
2.चुम्बकीय फलक्स की इकाई वेबर WB है।
3.चुम्बकीय बल रेखाएं किसी भी पदार्थ में से निकल सकती है।
4.मैग्नेटिक लीकेज फैक्टर=उपयोगी फलक्स/पूर्ण फलक्स होता है।
5.चुम्बकों चुम्बकीय षक्ति को सुरक्षित रखने वाली युक्ति कीपर कहलाती है।
6.फलक्सएम्पियर-टर्न AI के प्रत्यक्ष अनुपाती होता है।
7.चुम्बकीय बल रेखाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चलती है।
8.हिस्ट्रेसिस हानि कों लेमीनेटेड कोर को लगाकर कम किया जाता है।
9.जेनरेटर में उत्पन्न E.M.F. की दिषा फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से ज्ञात करतें है।
10.डेड बीट यंत्र में एडी करेन्ट के प्रभाव काम में लेतें है।
11.स्थायी चुम्बक को गर्म करने पर चुम्बकत्व नष्ट हो जाता है।
12.विद्युत घंटी में अस्थायी चुम्बक प्रयोग होता है।
13.एम्पियर के नियम से ओरवहैड लाइनों में धारा की दिषा ज्ञात करतें है।
14.चुम्बकीय फलक्स की इकाई वेबर Wb है।
15.जिन पदार्थों की चुम्बकषीलता उच्च व अवषिष्ट चुम्बकत्व कम होता है। वे कोमल चुम्बकीय पदार्थ कहलातें है।
16.फलक्स घनत्व की इकाइ्र Wb/M होती है।
17.क्षेत्र की सामर्थ्य की एम्पियर टर्न/मीटर AI/M इकाई होती है।
18.चुम्बकीय क्षेत्र में किसी चुम्बक द्वारा अनुभव किया गया बल चुम्बकीय बल कहलाता है।
19.किसी चुम्बकीय क्षेत्र में उपस्थित कुल चुम्बकीय बल रेखाएं उस क्षेत्र का चुमबकीय फलक्स कहलाता है।
20.एक वेबर फलक्स 108 लाइन्स के तुल्य होता है।
21.किसी माध्यम की अपने अन्दर चुम्बकीय बल रेखाओं की संचालन क्षमता उसकी चुम्बकषीलता कहलाती है। यह  का अनुपात होता है।
22.यदि दो समानान्तर चालको में धारा की दिषा एक हो तों चालकों के मध्य आकर्षण बल कार्य करेगा।
23.चुम्बकीय परिपथ में फलक्स को स्थापित करने वाला बल चुम्बकतव वाहक बल MMF कहलाता है।
24. चुम्बकीय परिपथ में फलक्स को स्थापित करने के गुण को परमीन्स कहतें है।
25.किसी परिपथ में उत्पन्न विद्युत वाहक बल की दिषा इस प्रकार की होती है। कि यह उस कारण का विरोध करती है। जिस कारण यह उत्पन्न होती है। लैंज का कथन है।
26.किसी चुम्बकीय परिपथ के वायु अन्तराल में जो फलक्स अपना माग्र एक पोल से दूसरे पोल तक पूर्ण कर लेता है वह उपयोगी फलक्स कहलाता है।
27.किसी चुम्बकीय क्षेत्र में ऊर्जा संचय का मान E=1 LI2/2 होता है।
28.किसी विद्युत चुम्बक में उत्थापन शक्ति का मान P=B2a/2μ0 होता है।
29.फलक्स घनत्व का चुम्बकीय क्षेत्र सामर्थ्य से पीछे रह जाना हिस्टेरेसिस कहलाता है।
30.हिस्टेरेसिस के दौरान अवषिष्ट चुम्बकत्व को शुन्य करने लिए जो बल लगता है वह निग्रह बल कहलाता है।
31.चुम्बकीय क्षेत्र में चालक के साथ लोह क्रोड के घूमने से लोह क्राड में उत्पन्न धाराये भंवर धारा कहलाती है।
32.चुम्बकीय बल रेखाये सघन होती है।
33.दो उत्तरी ध्रवों में के मध्य विकर्षण का बल होता है।
34.हिस्टेरेसिस के कारण लौह हानिया होती हैं।
35.हिस्टेरेसिस हानियॉं कम रखने के लिए सिलिकॉन स्टील का उपयोग करतें है।
36.किसी चालक में धारा प्रवाहित होने पर चालक के चारों ओर चुम्बकीय फलक्स स्थापित हो जाता है। यह कथन आरेस्टड वैज्ञानिक का है।
37.एक असामान चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय सूई रखने पर यह सूई बल व टार्क अनुभव करेगी।
38.चुम्बकीय फलक्स घनत्व सदिष राषि है।
39.विद्युत चुम्बक के लिए नर्म लोहा सबसे उपयुक्त है।
40.किसी टोराइड में यदि टर्नो की संख्या तीन गुणा बढा दी जाये तों चुम्बकीय फलक्स तीन गुण बढ जायेगा।
41.चुम्बकीय क्षेत्र में धनात्मक व ऋणात्मक चल आवेष के कारण स्थापित होता है।
42.एक आदर्ष वोल्टमीटर का प्रतिरोध अंनत होता है।
43.फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से प्रेरित E.M.F की दिषा ज्ञात होती है।
44.एक छड चुम्बक के चारो ओर चुम्बकीय बल रेखाओं की दिषा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर होती है।
45.ऐसे पदार्थ जिनकी धाराणषीलता अधिक होती है। वे स्थाई चुम्बकीय पदाथ्र कहलाते है।
46.समान धु्रवों में प्रतिकर्षण होता है। व असमान धु्रवों में आकर्षण होता है।
47.चुम्बकीय ध्रुवों के बीच उत्पन्न हुआ बल इन धु्रवों की प्रबलता के सीधें अनुपात में होता है।
48.दो चुम्बकीय ध्रुवों के मध्य बल इनकी आपसी दूरी के वर्ग के विलोमानुपाती होता है।
49.दो चुम्बकीय धु्रवों के मध्य चुम्बकीय बल इनके बीच माध्यम की दूरी पर निर्भर करता है।
50.चुम्बकीय फलक्स घनत्व की इकाई टेसला है।
51.विद्युत परिपथ में जो चुम्बकीय परिपथ के समान होता है। रिल्क्टेंस कहलाताह है।
52.वह काल्पनिक रेखा जो चुम्बकीय अक्ष के अभिलम्ब हो और चुम्बक के केन्द्र से होकर गुजरती हो उसे चुम्बकीय न्युट्रल अक्ष कहतें है।
53.सोलेनायॅड की लम्बाई इसके व्यास की अपेक्षा अधिक होती है।
54.मैग्नेटाइट का रासायनिक सूत्र Fe3O4 है।
55.पृथ्वी से प्राप्त होने वाला चुम्बक प्राकृतिक चुम्बक या लोड स्टोन कहलाता है।
56.आजकल सभी स्थायी चुम्बक एल्निकों धातु की बनाई जाती है।
57.एल्युमीनियमनिकिल तथा कोबाल्ट से बनाइ्र गई चुम्बकीय मिश्र धातु एल्निकों कहलाती है।
58.किसी पदार्थ के लिए चुम्बकीय तीव्रता तथा चुम्बकीय बल के अनुपात को सस्सैप्टिबिलिटी कहलाता है।
59.उत्तेजक कुण्डली में से प्रवाहित धारा का मान परिवर्तित करके फलक्स को परिवर्ति करने का सबसे  आसान तरीका है।
60.चुम्बक की शील्ंिडग या स्क्रीनिंग के लिए मृदु इस्पात प्रयोग किया जाता है।
61.इलेक्ट्रोमेंग्नेटिक वेवे की गति 3x108 m/s होती है।
62.चुम्बकीय कम्पास की सुई चुम्बकीय उत्तर व चुम्बकीय दक्षिण की ओर इंगित करती है।
63.मुक्त रूप से लकटी चुम्बकीय सुई का अक्ष 180 भागोलिक अक्ष के साथ का कोण बनता है।
64.एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र के बल की रेखाएं आपस में समानान्तर तथा समान दूरी पर होती है।
65चुम्बकीय धु्रव पर नमन कोण 900 होता है।
66.किसी चुम्बक को गर्म करने से उसका चुम्बकत्व नष्ट हो जाता है।
67.चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाला बल यदि चालक क्षेत्र के लम्बवत् है तो अधिकतम होगा।
68.एक चुम्बकीय क्षेत्र में उसकी दिषा के समानान्तर एक इलेक्ट्रॉन गति कर रहा है इलेक्ट्रॉन पर बल की दिषा क्षेत्र के लम्बवत् होगी।
69.चुम्बकीय बल रेखाएं एक-दूसरे को कभी नहीं काटती है।
70.चुम्बक के द्वारा अल्प मात्रा में प्रतिकर्षित होने वाला पदार्थ डाया-चुम्बकीय पदार्थ कहलाता है।
71.पैरा-चुम्बकीय पदार्थ की सापेक्ष चुम्बकषीलता का मान इकाई से कुछ अधिक होता है।
72.किसी चुम्बकीय यपदार्थ की चुम्बकत्व ग्रहण करने की योग्यता रिटैन्टीविटी कहलाती है।
73.गति प्रेरित विद्युत वाहक बल के लिए EMF=BLV SINθ सूत्र है।
74.वह ताप जिसके ऊपर कोई लौह चुम्बकीयय पदार्थ अनुचुम्बकत्व पदार्थ की तरह व्यवहार करने लगता है। क्यूरी ताप कहलाता है।
75.चुम्बकीय क्षेत्र में चालक के साथ लौह क्रोड के घूमने सेलौह क्रोड में उत्पन्न धाराएॅं भॅंवर धारा कहलाती है।
76.शैथिल्य हानियॉं(हिस्टेरिसस हानियॉं) कम करने के लिए सिलिकॉन स्टील का प्रयोग करना चाहिए।
77.पदार्थ में चुम्बकत्व का गुण अस्तिव में आता है। पदार्थ के इलेक्ट्रॉनों की स्पिन के कारण ।
78.एक स्थायी चुम्बक के ध्रुव अलग नहीं किए जातें है।
79.हवा तथा निर्वात् की सापेक्ष चुम्बकषीलता इकाई होती है।
80.एल्युमीनियमनिकिल तथा कोबाल्ट से बनाइ्र गई चुम्बकीय मिश्र धातु एलनिकों कहलाती है।
91.प्रेरित वि.वा.बल का मान चुम्बकीय फलक्स के मात्रा मंे परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती है। यह फैराडे का द्वितीय नियम है। E.M.F.=N(Φ1 - Φ2)/T
92.किसी चुम्बक के उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक सरल रेखा चुम्बकीय अक्ष कहलाती है।
 93.चुम्बकीय आघूर्ण का मात्रक न्यूटन-मी/टेसला होता है।


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