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ELECTROLYSIS

                                                       CHAPTER-8
                                                   ELECTROLYSIS
1.यदि एक लैड-एसिड सैल 1.1 विषिष्ट गुरूत्व और 1.8 वोल्टेज दर्षाता है तो सैल पूरी तरह डिस्चार्ज्ड है।
2.विद्युत बैट्रीरासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
3.एल्कलाइन सैल का जीवनलैड-एसिड सैल की अपेक्षा अधिक होता है।
4.रिचार्जेबल सैल को सैकण्डरी सैल भी कहते है।
5.गन्धक के अम्ल को पानी में बून्द-बून्द करके डालना चाहिये।
6.ड्राइ सैल में डीपोलेराइजर मैंगनीज डाईऑक्साइड होता है।
7.लैड एसिड बैट्री का कन्टेनर गन्धक युक्त रबड का बना होता है।
8.लैड एसिड बैट्री की रेटिंग व निकिल आयरन सैल की रेटिंग एम्पियर आवर में होती है।
9.एक साथ कई सारी बैट्रीयों को लम्बे समय तक चार्ज पर लगाए रखें तो ऐसी चार्जिग प्रक्रिया ट्रिकल चार्जिग कहलाती है।
10. बैट्री से सैदव डी.सी. विद्युत प्राप्त होती है।
11.अधिक वि.वा. बल E.M.F. प्राप्त करने के लिए सैलों को श्रेणी क्रम मंे जोडा जाता है।
12.श्रेणी क्रम में जुडें एक समान सैलों से प्रापत कुल वोल्ट
13.अधिक मान विद्युत धारालम्बे समय तक प्राप्त करने के लिए सैलों को समान्तर क्रम में संयोजित करतें है।
14.अधिक वि.वा. बल E.M.F. व अधिक धारा प्रापत करने के लिए सैलों को मिश्रित क्रम में संयोजित करतें है।
15.बैट्री को चार्ज करने के लिए दिष्ट धरा दी जाती है।
16.सैलों से अधिक वोल्टेज प्राप्त करने के लिए उन्हें श्रेणी क्रम में जोडा जाता है।
17. बैट्री को सदैव खुले तथा हवादार स्थान पर रखकर चार्ज करना चाहिये।
18.इलेक्ट्रो केमिकजल इक्वीलेन्ट होता है।
19.लैड एसिर्ड के बैट्री टर्मिनल लैड के बनाए जातें है।
20.वेन्ट प्लग में छिद्र्र्र बैट्री की सुरक्षा व गैस बाहर निकलने हेतु बनाया जाता है
21.लैड एसिड बैट्री पूर्ण आवेषित हो तों हाइड्रोमीटर आपेक्षिक घनत्व 1.280 से  1.300 दर्षाता है।
22.हाइड्रोमीटर के फ्लोट में सीसे के छर्रे डाले जातें है।
23.पूर्ण चार्ज बैट्री का आपेक्षिक घनत्व 1250-1280 तक होता है।
24. बैट्री चार्जिंग अवस्था को हाइड्रोमीटर से चैक करतें है।ं
25.हाइड्रोमीटर बैट्री का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करता है।
26.सैल पूर्ण चार्जिंग पर वोल्टेज 1.5 होता है।
27.ध्रुवीकरण सेल के एनोड पर हाइड्रोजन गैस एकत्रित होने को कहतें है।
28.प्राथमिक सेल में स्थानिय क्रिया रोकने के लिए जिंक पर पारा की परत चढाई जाती है।इस क्रिया कों अमलगमेषन कहतें है।
29.श्रेणी में जुउे सेलों के टर्मिनलों के बीच भार प्रतिरोध जोडा जाता है।
30.सीसा अम्ल संचायक में धनात्मक प्लेट pbo2 होती है।
31.लैउ के साथ हाइड्रोजन गैस कोई क्रिया नहीं करती है।
32.निकल लोह सेल गीला द्वितीयक सेल है।
33. बैट्री के टर्मिनल पोस्ट से आक्साइड की परत साफ करने के लिए उपयोग तनु अमोनिया का घोल उपयोग करना चाहिए।
34.एक इलैक्ट्रोलाइड में धारा संवहन आयन से होता है।
35.इलैक्ट्रोलाइसिस प्रक्रिया में डी.सी. सप्लाई की आवष्यकता होती है।
36.चॉंदी का E.C.E. मान अधिक होता है।
37.सेल के ऋण टर्मिनल पर अधिक इलैक्ट्रॉन होते है।
38.सेल का आन्तरिक प्रतिरोध आउटपुट करंट की मात्रा को नियन्त्रित करता है।
39.कार्बन जिंक सेल में जिंक का बर्तन ऋण इलैक्ट्रोडआधार पात्र का कार्य करता है।
40.यदि एक शुष्क सेल लम्बे समय तक बिना कार्य के रखा रहें तो यह अपनी सामर्थ्य खो देता है।
41मरकरी सेल की विद्युत वाहक बल का मान 1.5V वोल्ट होता है।
.42.एक सेल को लम्बे समय तक कार्य में लेने के लिए सामान्य वोल्टता व कम धरा पर प्रयोग करना चाहिए।
43.लगभग खर्च हो चुके सेल को तॉबे सेल के साथ पैरेलल में नहीं जोडना चाहिए।
44.एक सेल में स्थानीय क्रिया सेल का जीवन घटाती है।
45.एक प्राथमिक सेल मेंरासायनिक क्रिया उत्क्रमणिय न होना। यह सबसे बडी कमी है।
46.प्राथमिक सेल की दक्षता लगभग 70% होती है।
47.लेड एसिड सेल सबसे अधिक उपयोग होने वाला सेल होता है।
48.मोबाईल के अन्दर बैट्री लिथियम आयनिक उपयोग होती है।
49.व्यावहारिक रूप में डिस्चार्ज बैट्री की जाचॅं इलैक्ट्रोलाइट की ग्रेविटी से की जाती है।
50.लेड एसिड सेल में मल्टीप्लेट संरचना काम में ली जाती है। ताकि- सेल की क्षमता को बढाई जा सके।
51.व्यावसायिक लेड एसिड सेल में प्लेट हैइनमें ऋणात्मक प्लेटों की संख्या एक अधिक होती है।
52.एक लैड एसिड सेल की धनात्मक प्लेटों का जीवन कालऋणात्मक प्लेटें की अपेक्षा आधा होता है।
53.एक लैड एसिड सेल की एम्पियर आवर दक्षता लगभग 90% होती है।
54.निकिल आयरन बैट्रीयों का उपयोग पनडुब्बीं मे होता है।
55.निकल कैडमियम सेल की चार्जिग अवस्था की जॉंच सेल का म्ण्डण्थ्ण्की जाचॅं से की जा सकती है।
56.सेलो का समूह से जुडे भार प्रतिरोध का मान सेलों के आन्तररिक प्रतिरोध से काफी अधिक होता  सैलों को श्रेणी क्रम में जोडना सही होता है।
57.सेलों को समानान्तर में जोडने का उद्धेष्य धारा क्षमता बढाना है।
58.लेड एसिड बैट्री में ऋणात्मक प्लेट का पदार्थ शुद्ध लेड होता है।
59.एक सेल के आन्तररिक प्रतिरोध बढेगा यदि सेल को बहुत समय तक निष्क्रिय रखा जाए।
60.यदि बैट्री को अतिआवेषित या निरावेषित उच्च दर पर करें तों बकलिंग दोष उत्पन्न होगा।
61.सेकण्डरी सेलो की क्षमता एम्पीयर घंटा (AH)मे मापी जाती है।
62.चार्जिंग के दौरान लेड एसिड सेल के वेन्ट प्लग को खुल रखने के कारण आसानी से गैस निकालने के लिए ।
63.क्षय को रोकने के लिए लेड एसिड बैट्री के टर्मिनल पर पेट्रोलियम जेली पदार्थ लगाया जाता है।
64.जब करेट इलेक्ट्रोलाइट से प्राप्त होता है। तब करेंट रासायनिक प्रभाव पैदा करेगा।
65.जिंक प्लेट में उपस्थित अषुद्धियों के कारण सेल स्थानीय क्रिया का दोष उत्पन्न हो जाता है।
66.लेड एसिड बैट्री में H2SO4 सलफ्युरिक एसिड इलेक्ट्रोलाइट का प्रयोग किया जाता है।
67.विद्युत के कूलामॅब के द्वारा इलेक्ट्रोलाइट के मास के तत्व को मुक्त करना इलेक्ट्रो केमिकल तुल्यांक E.C.E. कहलाता है।
68.जब बैट्री को बहुत कम दर पर चार्ज की जाती है। तब बैट्री के चार्ज करने की विधि ट्रिकल चार्ज विधि कहलाती है।
69.ड्राई सेल में पेस्ट के रूप में प्रयोग होने वाले इलेक्ट्रोलाइट अमोनिया क्लोराइड कहलाता है।
70.एक सेल की टर्मिनल वोल्टेज लेड करेन्ट की मात्रा आन्तरिक प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करती है।
71.प्लेट की संख्या सेल की क्षमता पर निर्भर नहीं करती है।
72.यदि बैट्री को लो रेट पर लम्बे समय तक चार्ज किया जाये तों ट्रिकल चार्ज मैथेड कहलायेगी।
73.लिथियम सेल की जिसकी शेल्फ लाइफ सबसे अधिक आधिक होती है। यह प्राइमरी सेल है।
74.आंतरिक शार्ट सर्किट से बचने के लिए लेड एसिड बैट्री में सेपरेटर का उपयोग होता है।
75.जब चार्जिंग के दौरान चाजर््र का बैट्री के धु्रवता को विपरित क्रम में जोडा जाता है। बैट्री में उच्च धारा प्रवाहित होती है।
76.लेट एसिड बैट्री के पूरी तरह से डिस्चार्ज स्थिति के बाद 1.8v वोल्ट न्यूनतम डिसचार्ज वोल्टेज देना चाहिए।

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