CHAPTER-5
कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति(WORK, POWER AND ENERGY)
1.कार्य की माप बल के परिमाण और बल की दिशा मे वस्तु के विस्थापन के गुणन से की जाती है।
2.कार्य=बल*बल की दिशा मे विस्थापन
3.कार्य एक अदिश राशि है।
4.किसी बल द्वारा किया गया कार्य बल और विस्थापन के अदिश गुणनफल के बराबर होता है।
5.कार्य का मात्रक न्यूटन मीटर होता है।
6.किसी वस्तु पर 1 न्यूटन का बल लगाने पर बल की दिशा मे वस्तु का विस्थापन 1 मीटर हो तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।
7.कार्य का प्रणाली मे जूल तथा प्रणाली मे अर्ग होता है
8.1जूल=107 अर्ग होते है।
9.बल और विस्थापन के बीच का कोण न्यूनकोण होता है तो बल द्वारा किया गया कार्य धनात्मक होता है।
10.बल और विस्थापन के बीच का कोण अधिककोण होता है तो किया गया कार्य ऋणात्मक कार्य
कहलाता है।
कहलाता है।
11.बल लगाये जाने पर भी वस्तु का विस्थापन शून्य हो तो बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।
12.किसी वस्तु द्वारा कार्य करने की क्षमता उसकी ऊर्जा कहलाती है।
13.ऊर्जा की इकाई कार्य के समान होती है।
14.प्रत्येक कार्य को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
15.किसी वस्तु द्वारा उसकी गति, स्थिति या विन्यास के कारण प्राप्त की गई या छोडी गई ऊर्जा को उसकी यांत्रिक ऊर्जा कहते है।
16.किसी वस्तु मे उसकी गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को उसकी गतिज ऊर्जा कहते है।
17.गतिज ऊर्जा को E द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
18.गतिज ऊर्जा(K.E.)=MV2/2
19.किसी वस्तु मे उसकी विशेष स्थिति अथवा विकृत अवस्था के कारण जो ऊर्जा उत्पन्न होती है, उसे उसकी स्थितिज ऊर्जा कहते है।
20.स्थितिज ऊर्जा को P द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
21.स्थितिज ऊर्जा=mgh
22.किसी कार्यकर्ता के कार्य करने की दर को उसकी शक्ति कहते है।
23.शक्ति=कार्य/समय
24.शक्ति एक अदिश राशि है। इसे p प्रदर्शित करते है।
25.शक्ति की व्यावहारिक इकाई अश्वशक्ति H.P. है।
26.शक्ति की इकाई वाट है।
27.कार्य, ऊर्जा तथा शक्ति अदिश राशियां है।
28.शक्ति की C.G.S. प्रणाली मे इकाई अर्ग/सेकेण्ड होती है।
29.मिट्रिक प्रणाली मे 1अश्व शक्ति 735.5 वाट होता है।
30.ब्रिटिश प्रणाली मे 1 अश्व शक्ति 746 वाट होते है।
31.किसी मशीन की वास्तविक आउटपुट शक्ति, ब्रेक हार्स पावर कहलाती है।
32.यांत्रिक दक्षता=आउटपुट 100/इनपुट
33.वस्तु की गतिज ऊर्जा उसके वेग पर निर्भर करती है।
34.ऊर्जा संरक्षरण के सिद्धांत के अनुसार ऊर्जा को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है।
35.ऊर्जा की इकाई जूल है।
36.किसी इंजन के सिलेण्डर मे या किसी मशीन मे उत्पन्न की गई सम्पूर्ण शक्ति को प्रगटित अश्व शक्ति कहते है।
37.प्रगटित अश्व शक्ति=P.L.A.N.K./4500 (मैट्रिक प्रणाली)
38.ब्रेक हॅार्स पावर=प्रगटित हॅार्स पावर-क्षतियां oor B.H.P=1H.P.-LOSE
39.1फुट पाण्ड 1.382 जूल होता है।
40.यदि इंजन के चार स्ट्रोक का है, तो कै्कं शाफ्ट R.P.M. के आधे हो जाते है।
41.यांत्रिक दक्षता=IHP*100/BHP
42.1KW=1.34 HP होती है।
43.शक्ति प्रेषण=2πNT/4500
44.IHP=Indicated Horse Power
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