CHAPTER-2
(WIRING ACCESSORIES)
1.वह अवयव जिसके माध्यम से वायरिंग की जाती है उसे वायरिंग एसेसरीज कहा जाता है।
2.डिन रेल को टॉप-हेट रिले भी कहा जाता है।1
3.टर्मिनल कनेक्टर एक यांत्रिक युक्ति है।
4.टर्मिनल कनेक्टर मे कनेक्शन स्थायी व अस्थायी रूप से किए जाते है।
5.केबल को किसी वस्तु से बांधने के लिए केबल टाइ का प्रयोग किया जाता है।
6.केबल टाइ मे इन्टीग्रेटिड गियर जैक का प्रयोग किया जाता है।
7.थिम्बल्स या लग्स द्वारा केबल के तार को टर्मिनल से जोडने के लिए प्रयोग किया जाता है।
8.लग्स के ऊॅपरी भाग टर्मिनल के ऊपर निर्भर करता है।
10.केबल या वायर को सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्लीव का प्रयोग किया जाता है।
11.स्लीव की प्रक्रति उसके पदार्थ पर निर्भर करती है।
12.वे कनेक्टर जिनके ऊपर वातावरणीय कोरोजन की प्रक्रिया नही होती है। फेरूल्स कहलाते है।
13.फेरूल्स का निर्माण शुद्ध कापर से किया जाता है।
14.ग्रोमेट का आकार छेद के आकार पर निर्भर करता है।
15.ग्रोमेट का निर्माण रबर या बैकेलाइट पर निर्भर करता है।
16.डिन रेल क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्थिति होती है।
16.डिन रेल क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्थिति होती है।
17.केबल की यांत्रिक सुरक्षा, ऊष्मा सहन आदि मे व्रद्धि करने के लिए स्लीव का प्रयोग किया जाता है।
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