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SAFETY AND HEALTH

CHAPTER-1
SAFETY AND HEALTH

1.बिजली का  कार्य करते समय हाथ औजारों का उपयोग करना चाहिए।
2.प्रत्येक हाथ औजार इन्सुलेटेड होना चाहिए।
3.बिजली की आग पर रेत डालनी चाहिए।
4.ओवरैड लाइन पर कार्य करते समय सेफ्रटी बेल्ट लगानी चाहिए।
5.रबड के दस्ताने पहनकर ही कार्य करना चाहिए।
6.चालू लाइन पर बिना सुपरवाइजर की अनुमति के कार्य नहीं करना चाहिए।
7.गीले शरीर का प्रतिरोध 1000ओम्ह होता है।
8.50-100 मिली एम्पियर करेन्ट पर सांस रूक सकती है।
9.मूर्छित व्यक्ति को खुली हवा में लिटाना चाहिए।            
10.झटके के उपचार के समय पेय पदार्थ नहीं देना चाहिए।
11.भीगे हुए शरीर का प्रतिरोध कम होता है।
12.यदि तेलपंेट्रोल या बिजली की आग लगी हो तो आग बुझाने के लिए सी.टी.सी. यंत्र का प्रयोग में लेंगे 
13.किसी स्थान पर लकडीगत्तेकपउे की आग लगी होतो सोडा एसिड टाइप यंत्र कार्य में लेंगे
14.फॉम टाइप यंत्र का प्रयोग पेट्रोल से लगी आग पर किया जाता है।
15.बिजली से लगी आग पर रेत डालना चाहिए।
16.कार्बन डाइऑक्साइड गैंस फायर एक्सटिंग्यूसर को लकडी की आग बुझाने में प्रयोग करेगे ।
17.फर्स्ट एड बॉक्स में घाव भरने की बीटाडीन ट्यूब रखी जाती हैं।
18.एक प्रषिक्षित इलैक्ट्रिषियन से अपेक्षा  की जाती है भारतीय वैद्युत नियम के अनुसार कार्य करे।
19.विद्युत उपकरण्  पर लगी आग पर पानी नहीं डालना चाहिए।
20.चालू लाइन पर कार्य करते समय हाथो में गल्वज पहनना चाहिए।
21.सभी वैद्युत सामाग्री के अनुसार होनी चाहिए।
22.जब खम्बे पर कार्य करते समय सेफ्टी बेल्ट नहीं भुले।
23.सुरक्षा चिन्ह विभिन्न आकार व रंगो में बनाये गये हैइसका उद्धेष्य आसानी से पहचाना जा सके।
24.हेलॉन प्रकार के अग्निषामक का प्रयोग विद्युत उपकरणों और इससे आग लगने वाले प्रतिष्ठानों में करते है।
25.(D) प्रकार की अग्नि को गैंस कारतूस हेलॉन शामक प्रकार प्रयोग करते है।
26. जब जीडित व्यक्ति का मुख नहीं खुला हो तब कृत्रिम श्वसन के लिए मुख से नाक प्रणाली पद्धति का प्रयोग करते है।
27.पीडित कोे अधिक खून बहने की स्थिति में घाव के दबाना चाहिए।
28.सुरक्षा चिन्ह हेड प्रोटेक्षन पहने है।
29.भूमि से भारी भार उठाने के लिये लेयरस और रोलरस उपकरण प्रयोग किया जाता है।
30.विद्युत उपकरणों में लगी आग को बुझाने के लिए कार्बन टेट्रा क्लोराइड अग्निषामक का प्रयोग
करते है।
31.एक व्यक्ति को विद्युत आघात लगा है और बेहोष हो गया है उसके मुॅंह में कुछ नहीं देना चाहिए।

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