Skip to main content

RESISTANCE

                                                      CHAPTER-6
                                        RESISTANCE

1.सजावट के लिए छोटे लैम्पों को श्रेणी क्रम लगाया जाता है।
2.ओह्य के नियमानुसार धारा वोल्टेज के समानुपाती होती है।
3.समानान्तर क्रम जुडें प्रतिरोधों में से सबसे कम प्रतिरोध से भी कम कुल प्रतिरोध होता है।
4.प्रतिरोध की इकाई ओह्य है।
5.वोल्टेज मापने के लिए वोल्ट मीटर प्रयोग करते है।
6.एम्पिर मीटर परिपथ के श्रेणी क्रम लगता है।
7.वोल्ट मीटर को परिपथ के समानान्तर क्रम लगातें है।
8.विषिष्ट प्रतिरोध R = ρl/A 
9.वाट मीटर से शक्ति मापने के काम में आता है।
10.यदि दो पिण्ड पर विभवान्त समान हो तो उनके बीच धारा प्रवाह नहीं होगा ।  
11.विद्युत लैम्प का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता हैं।
12.एक विद्युत लैम्प के गर्म फिलामेंन्ट का प्रतिरोध ठण्डे फिलामेन्ट की अपेक्षा अधिक होता है।क्योकि फिलामें का ताप प्रतिरोध गुणांक धनात्मक होता है।
13.यदि एक धातु की तार का व्यासस दूगना कर दिया जाये और लम्बाई निष्चित रखी जाये तो इसका प्रतिरोध 1/4 हो जायेगा ।
14.ओह्य नियम AC AND DC परिपथ में लागु होता है।
15.तॉंबे का विषिष्ट प्रतिरोध 20c0  पर 1.7242 ×10−6Ω·cm होता है।
16.एक निष्चित लम्बाई व व्यास वाले एल्यूमिनियम तार का प्रतिरोध तॉबे की तार से अधिक होता है।
17.एक एम्पियर धारा एक सेकण्ड तक प्रवाहित होने पर एक कूलम्ब होता है।
18.वोल्टेज डिपेंडग प्रतिरोध प्रकार का प्रतिराध वोल्टता पर निर्भर करता है।
19.एक रोधक पदार्थ का मूल गुण उच्च  परावैद्युत शक्ति होना चाहिए।
20.कार्बन पदार्थ का ऋणात्मक ताप प्रसार गुणांक होता है।
21.कार्बन पदार्थ जिसका तापमान बढाने पर पर उसका प्रतिरोध घटेगा।
22.क्वैचिनिंग उद्धेष्य आर्क के लिये NTC रेसिस्टर प्रतिरोध प्रयोग किया जाता है।
23.प्रकाष की तीव्रता को मापने के लिए एलडी प्रतिरोधक प्रकार का प्रतिरोधक प्रयोग करते है।



Comments

Popular posts from this blog

METALS

                                                                  CHAPTER-3                                                                 धातुएं (METALS) 1.(INTRODUCTION)=   धातुएं धातु खनिज पदार्थ होते है। जो प्रकृति से अयस्कों के रूप में प्राप्त होते है। असस्कों से धातुओं से प्राप्त करने के लिए भिन्न-भिन्न प्रक्रमों से गुजरना पडता है जिससे अयस्क में से धात्विक तथा अधात्विक पदाथ्र पृथक् हो जाते है। 2. धातुओ के गुण (PROPERTIES OF METALS)= 1. भौतिक गुण (PHYSICAL PROPERTIES)= 1. रंग (COLOUR)= प्रत्येक ध...

MACHINE CONTROL PANEL

CHAPTER-1 (MACHINE CONTROL PANEL) 1. वह युक्ति जिसके माध्‍यम से विभिन्‍न मशीनो या युक्तियो मे विद्युत प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है कंट्रोल पैनल कहलाता हैं। 2. कंट्रोल पैनल मे प्रयोग कियो जाने वाले स्विचों की परास, नियंत्रित की जाने वाली मोटर क्षमता पर निर्भर करती है। 3. कंट्रोल पैनल का आकार नियंत्रित की जाने वाली मशीनों की संख्‍याय पर निर्भर करता है। 4. कंट्रोल पैनल के भाग-1.वॉल माउन्टिड                    2.फ्री स्‍टेन्डिंग, सिंगल फ्रन्‍ट, विथ फ्रन्‍ट एक्‍सेस ओनली                    3.फ्री स्‍टेन्डिंग, सिंगल फ्रन्‍ट, विथ एक्‍सेस फ्रोम द फ्रन्‍ट एन्‍ड रिअर                    4.फ्री स्‍टेन्डिंग डबल फ्रन्‍ट                ...

ALTERNATING CURRENT

                                                             CHAPTER-10                                                    ALTERNATING CURRENT 1. पावर फैक्टर बढाने के लिए केपेसिटर पैरलल में लगाना चाहिए। 2. शुद्ध केपेसिटिव परिपथ मे   करन्ट एप्लाइड वोल्टेज से आगे रहती है। 3. भारत की फ्रिक्वेन्सी  50 Hz  है। 4. का पूरा नाम है। 5. इम्पीडेन्स की इकाइ्र ओम्ह  Ω  है। 6. एडमिटैन्स  Y= √ R 2  + B 2   होता है। 7. ए.सी. सर्किट में चोक का प्रयोग करन्ट को निन्त्रित करने हेतु किया जाता है। 8. केपेसिटव रिएक्टेन्स  X C =1/2πfC  होता है। 9. अस्थिर कॉन्टेक्ट प्वाइॅन्ट पर स्पार्किंग कम करने के लिए केपेसिटर का प्रयोग किया जाता है। 10. पावर फैक्टर क...