CHAPTER-3
(POWER SEMICONDUCTOR DEVICE)
1.UJT एक विषेष प्रकार की तीन
टर्मिनल, एक जंक्षन, दो लेयर वाली युक्ति है। जो मुख्य रूप से स्विचिंग युक्ति या
विश्रांति दोलित्र की भांति प्रयुक्त होती है।
2.इसमें एक ही जक्षन होता
है। यह ट्रांजिस्टर निम्न फ्रिक्वेंसी ऑसिलेटर के रूप में टाइमर परिपथों में
प्रयोग किया जाता है।
3-UJT-Uni
junction transistor
4-FET-Field
effect transistor
5-MOSFET-Metal
oxide semiconductor field effect transistor
6-SCR-Silicon
controlled rectifier
7-GTO-Gate
turn off switch
8-IGBT-Insulated
gate bipolar transistor
9.FET-जिस ट्रांजिस्टर में ड्रेन
करंट के मान का निर्धाण वैद्युतिक क्षेत्र के आवेष के द्वारा सम्पन्न किया जाता
है। वह फील्ड इफैक्ट ट्रांजिस्टर कहलातें है। यह एम्प्लीफिकेषन कर सकता है।
10.MOSFET को इन्सुलेटेड गेट फील्ड
इफैक्ट ट्रांजिस्टर (IGFET) भी कहतें है।
11.SCR को सिलिकॉन कंट्रोल
रेक्टिफायर को थायरिस्टर के नाम से भी जाना जाता है।
12.SCR में एक संगम होता है। एक
ट्रांजिस्टर संयुक्त किया हुआ होता है। इसमें कुल तीन जक्षन होते है।
13.SCR से 100A तक डी.सी. आउटपुट प्रदान करता है।
14.DIAC दोनों दिषाओं में कार्य
करने वाला विषेष प्रकार का डायोड कहलाता है।
15.TRIAC यह समान्तर क्रम में जुडे
दो (SCR) के तुल्य होता है।
16.गेट स्त्रोत विभव का वह
मान जिस पर ड्रेन धारा पूर्णतः न्यूनतम एवं नियत हो जाती है, उसे पिंच-ऑफ विभव कहतें है।
17.MOSFET की निवेषी प्रतिबाधा का
मान थ्म्ज् से अधिक होता है।
18.FET का उपयोग परिवर्ती
संधारित्र के रूप में किया जाता है।
19.डायक एक AC स्विच है।
20.ट्रायक में तीन टर्मिनल
होते है।
21.SCR को चालन अवस्था में बनाए
रखने के लिए निरन्तर आधार धारा की आवष्यकता होती है।
22.UJT में ऋणात्मक प्रतिरोध
क्षेत्र पाया जाता है।
23.डायक में दो टर्मिनल तथा
चार परतें होती है।
24.GTO में धनात्मक पल्स आरोपित
करने पर यह चालू हो जाता है।
25.UJT को दोहरा आधार डायोड कहा
जाता है।
26.SCR में तीन टर्मिनल-एनोड, कैथोड व गेट होते है।
27.डायक को बिना गेट का
ट्रायक कहा जाता है।
28.ट्रायक AC पावर को नियंत्रित करता है।
29.IGBT में MOSFET पावर व पावर ट्रांजिस्टर
की संयुक्त विषेषताएं पाई जाती है।
30.FET एक ध्रुवीय ट्रांजिस्टर है।
31.MOSFET को गेट बायस द्वारा
नियंत्रित किया जाता है।
32.UJT एक वोल्टेज नियंत्रक
युक्ति है।
33.सिलिकॉन कन्ट्रोल
रेक्टिफायर सिलिकॉन (SCR) का इसलिए बना होता है। क्योकि सिलिकॉन की उच्च तापमान सामर्थ्य व
उच्च पावर सामर्थ्य है।
34.SCR रेक्टिफायर व ट्रांजिस्टर
का मिश्रित रूप है।
35.SCR को गेट टर्मिनल से
नियंत्रित किया जाता है।
36.SCR एक धारा ट्रिगर युक्ति है।
37.दो मुख्य टर्मिनल व एक गेट
टर्मिनल, ट्रायक के टर्मिनल है।
38.विद्युतीय युक्ति जिसमें
थायरिस्टर व ट्रांजिस्टर के संयुक्त गुण GTO में पाए जातें है।
39.IGBT में थायरिस्टर व
ट्रांजिस्टर के कुछ संयुक्त गुण पाए जातें है।
40.UJT वह युक्ति जिसमें ऋणात्मक
प्रतिरोध क्षेत्र पाया जाता है।
41.एनोड धारा शून्य तक घट जाए SCR बंद हो जाता है।
42.SCR को चालू किया जाता है। तो
वोल्टेज का मान 1V होगा।
43.SCR सिलिकॉन का बना होता है।
क्योंकि इसमें निम्न लीकेज धारा प्रवाहित होती है।
44.ट्रायक प्रेरकीय लोड के
लिए ।ब् वोल्टेज नियंत्रक के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है।
45.UJT में दो संयोजकों के बीच
प्रतिरोध का मान 5Ω से 10Ω के बीच रखा जाता है।
46.FET में इलेक्ट्रॉन सोर्स से
निकलतें है।
47.अच्छे SCR में एनोड तथा कैथोड के
मध्य अनन्त प्रतिरोध होता है।
48.विद्युतरोधी गेट बाइपोलर
ट्रांजिस्टर (IGBT) को मुख्य रूप से
इलेक्ट्रॉनिक स्विच समान प्रयोग किया जाता है।
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