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MATELS

                                                 CHAPTER-3 
                                              धातुएं(MATELS)

1.माइल्ड स्टील में कार्बन की प्रतिषतता 0.15-0.3% होती है।
2.सूक्ष्ममापी यंत्र क्रोमियम स्टील के बने होते है।
3.रॉट आयरन सबसे शुद्ध होता है।
4.कास्ट आयरन का प्रयोग इंजन बेड बनाने में होता है।
5.कास्ट आयरन भंगुर पदार्थ है।
6.राटॅ आयरन का उत्पादन पुडलिंग भट्टी में किया जाता है।
7.निकिल स्टील पर जंग नहीं लगती है।
8.तांबा एक डक्टाइल धातु है।
9.सिंथेटिक रबड मुख्यतः पेट्रोलियम तथा कोयले द्वारा बनाया जाता है।
10.ढलवां लोहे का गलनांक कम होता है।
11.पीतल एक मिश्र धातु है।
12.क्रोमियम का उपयोग जंगरोधी इस्पात बनाने में होता है।
13.अस्थाई चुम्बक बनाने के लिए नर्म लोहे का प्रयोग किया जाता है।
14.लौह धातुएं का संक्षरण का कारण ऑक्सीजन व नमी है।
15.कोबाल्ट स्टील का उपयोग स्थाई चुम्बक बनाने में किया जाता है।
16.ब्लास्ट भट्टी में ईधन के रूप में कोक का प्रयोग करतें है।
17.ब्लास्ट भट्टी में लाइम स्टोन फ्लक्स का कार्य करता है।
18.ब्लास्ट भट्टी से प्राप्त आयरन पिग आयरन होता है।
19.पिग आयरन में से कास्ट आयरन तैयार किया जाता है।
20.भूरा कास्ट आयरन काफी नरम होता है।
21.कास्ट आयरन की कम्प्रेसिव स्ट्रैन्थ अधिक होती है।
22.रॉट आयरन का उपयोग रिविट बनाने में होता है।
23.राटॅ आयरन भारी झटके सहन कर सकता है।
24.माइल्ड स्टील में कास्ट आयरन की अपेक्षा कम कार्बन होता है।
25.माइल्ड स्टील को आसानी से वेल्ड किया जा सकता है।
26.माइल्ड स्टील डक्टाइल धातु है।
27.माइल्ड स्टील की छडों का उपयोग भावन निर्माणनटबोल्ट आदि में होता है।
28.हाई स्पीड स्टील उच्च तापमान पर भी कठोरता का गुण रखती है।
29.घरों के बर्तन स्टेनलैस स्टील के बनाए जातें है। इस जंग नहीं लगती है।
30.एलायॅ का अर्थ मिश्रण हैं।
31.क्रोमियम स्टी का प्रयोग घडियों में पुर्जे बनाने में होता है।
32.वेनेडियम स्टील अधिक झटके सहन कर सकता है। उपयोग स्पैनर आदि में किया जाता है।
33.सोल्डर,लेड व टिन का मिश्रण होता है।
34.बाक्सॉइड एल्युमिनियम का अयस्क होता है।
35.तांबे का अयस्क कापर पायराइट्स है।
36.लेड एक कठोर व भारी धातु है।
37.नाइक्रोम निकिल व क्रोमियम की मिश्र धातु है।
38.कांसा तांबा व टिन की मिश्र धातु है।
39.सोल्डर टिनतांबा की मिश्र धातु हैं।
40.पीतल तांबा तथा जस्ता की एक मिश्र धातु है।
41.तार निर्माण में प्रयोग किए जाने वाले धातु में तन्यता का गुण होना चाहिए।
42.ढलवां लौहे में कार्बन का प्रतिषन 2 से 4%तक होता है।
43.एल्युमिनियम का गलनांक 658 C0 होता है।
44.ठोस पदार्थ जिस निष्चित तापमान पर पिघलतें है। वह उसका गलनांक कहलाता है।
45.ताबे का गलनांक1084 Cहोता है।
46.बेबिट टिनतांबा की मिश्र धातु है।
47.ड्यूरालूमिन का उपयोग वायुयान के निर्माण में होता है।
48.हाइस्पीड स्टील कटिंग टॅल बनाने में काम आता है।
49.आघातवर्ध्यता गुण के कारण धातुओं को पीटकर चादर बनाई जा सकती है।
50.सोना सबसे अधिक डक्टाइल धातु है।
51.नाइक्रोम तार से हीटर के एलीमेन्ट बनते है।
52.ब्लास्ट भट्टी से प्राप्त आयरन पिग आयरन होता हैं।
53.कास्ट आयरन का उत्पादप क्यूपोला भट्टी में किया जाता है।
54.कास्ट आयरन के गैस द्वारा बैड नहीं किया जा सकता है।
55.सीसा का उपयोग करके सैल बनाये जातें है।
56.तांबा धातु सबसे तन्य है।
57.जिंक के अयस्क केलेमाइन/ब्लेन्ड है।
58.खंडित आयरन की संरचना दानेदार होती है।
59.बैट्री कंटेनर हाड्र रबड का बना होता है।
60.टंगस्टन धातु का उच्चतम होता है।
61.चॉंदी का अयस्क हार्न सिल्वर और रूबी सिल्वर होता है।
62.टिन का गलनांक232 C0 होता है।
63.जस्तें का गलनांक 420 C0 होता है।
64.स्टेनलेस स्टील में कार्बन की लगभग मात्रा 08% होती है।
65.हाई स्पीड स्टील में कार्बन की लगभग मात्रा 0.7% होती है।
66.इस्पात में कार्बन की मात्रा 0.15 से 1.5% होती है।
67.पिटवॉं लोहा में कार्बन की मात्रा 0.005 - 0.15% तक होती है।
68.इस्पात का गलनांक 1535 C0 होता है।
69.गन मेटल कापॅरटिन और जिंक का एलाय होता है।
70.धमन भट्टी में गालक के रूप में चूना पत्थर प्रयोग करतें है।
71.ढलवां लोहे का आपेक्षिक गुरूत्व 7.27 होता है।
72.पिटवॉं लौहे का आपेक्षिक गुरूत्व 7.75 होता है।
73.पिटवॉं लोहे का गलनांक 1335 C0 होता है।
74.तापानुषीतन की तापोचार विधि से इस्पात में तन्यता बढाई जा सकती है।




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