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ELECTRIC MATERIALS

                                              CHAPTER-4
                                    ELECTRIC MATERIALS
1.चांदी विद्युत का अच्छा सुचालक होता है।
2.बैकेलाइट विद्युत का अच्छा कुचालक होता है।
3.सोल्डर से तांबे के जोड को मजबूत किया जा सिकता है।
4.किटकैट फ्यूज पॉर्सलीन के बनाए जाते है।
5.वायु विद्युत के लिए अच्छी कुचालक होती है।
6.ओवरहैड लाइनो में हार्डड्रॅान कापॅर तार काम लेते है।
7.विद्युत प्रेस के एलीमेन्ट को माइका कमें लगाया जाता है।
8.7स्ट्रेन्डस तार में छः तार लपेटे जाते है।
9.वह पदार्थ जो करेन्ट के रास्तें में कम प्रतिरोध उत्पन्न करता है उसे चालक कहते हैं
10.अर्द्धचालक विषिष्ट प्रतिरोध मिश्र धातु है जो कि धारा के बहाव में बहुत अधिक प्रतिरोध उत्पन्न करते है।
11.80% निकल व 20% क्रोमियम को मिलाकर नाइक्रोम मिश्र धातु बनाती है।
12.40%निकल व 60% तांबे को मिलाकर यूरेका बनायी जाती है।
13.60%तांबा, 15%निकिल एवं 25%जिंक मिलाकर जर्मन सिल्वर बनाई जाती है।
14.84%तांबा, 12%मैगनीज, 4%निकिल मिलाकर मैंगनिन बनाई जाती है।
15.अभ्रक 600c0 पर नरम पडना शुरू हो जाता हैं
16.रबड को सख्त बनाने के उसमें 5% गन्धक, जिंकआक्साइड तथा लाल रंग का सीसा मिलाया जाता है।
17.एस्बेस्टस पर अम्ल का प्रभाव नहीं पडता हैं
18.30 से 50% गन्धक को रबड में मिलाकर ऐबोनाइट बनता हैं।
19. पी.वी.सी.= पॉलीविनाइल क्लोराइड होता है।
20. गैल्वेनाइज्ड आयरन से अर्थिंग का तार 8swg-19swg तक तारो का प्रयोग किया जाता है।
21.यूरेका तार रियोस्टेट एवं स्टार्टर में प्रयोग आतें है।
22.नाइक्रोम का सुरक्षित तापमान 1150c0  होता है।
23.VIR WIRE=वल्केनाइज्ड इण्डियन रबड कहते है।
24.वायु के ट्रांसमिषन लाइन, डिस्ट्रीब्यूषन लाइन और कन्डेन्सर में चालको के मध्य इन्सुेटर का काम करती है।
25.स्ट्रेण्डिड तार ओवर हैड लाइन में लगाय जाते है।
26.लाइन इन्सुलेट=पिन प्रकार इन्सुलेटर, शैकल इन्सुलेटर, पोस्ट इन्सुलेटर


27.वह चालक जिन पर विद्युत रोधी पदार्थ की तह चढा दी चाती हैं केबल कहलाती है।

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