CHAPTER-5
कनवर्टर(CONVERTER)
1.पावर इलैक्ट्रॉनिक्स सिस्टम मे एक-अधिक पावर इलैक्ट्रॉनिक्स कनवर्टर कहलाते है।
2.डायोड रेक्टिफायर इनपुट वोल्टेज को फिक्स वोल्टेज रूपान्तरित करता है।
3.AC. TO DC. कनवर्टर को फेज नियंत्रित रेक्टिफायर भी कहा जाता है।
4.AC. TO DC. कनवर्टर परिपथ मे नियत AC वोल्टेज को परिवर्ती DC वोल्टेज पर बदला जाता है।
5.DC. TO DC. कनवर्टर को चोपर भी कहा जाता है।
6.DC. TO DC. कनवर्टर परिपथ मे फिक्स DC इनपुट वोल्टेज को नियंत्रित कर, उसे DC आउटपुट
वोल्टेज मे परिवर्तित करता है।
वोल्टेज मे परिवर्तित करता है।
7.DC. TO AC. कनवर्टर परिपथ मे फिक्स DC वोल्टेज को परिवर्ती AC वोल्टेज मे परिवर्तित करता है।
8.DC. TO AC. कनवर्टर को इनवर्टर भी कहा जाता है।
9.साइक्लो कनवर्टर जो परिवर्ती आवृत्ति पर इनपुट पावर को आउटपुट पावर मे परिवर्तित करता है।
10.एक इच्छित वोल्टेज और आवृत्ति पर DC पावर को AC पावर मे परिवर्तित करने की युक्ति को
इनवर्टर कहते है।
इनवर्टर कहते है।
11.मोटर जनरेटर इनपुट मे वोल्टता परास +15% से -30% होती है।
12.मोटर जनरेटर इनपुट मे प्रारम्भिक इनरश=3×नोमिनल इनपुट एम्पीयरेज
13.मोटर जनरेटर आउटपुट वोल्टेज रेगुलेशन नोमिनल आउटपुट का 0.5% होता है।
14.मोटर जनरेटर सेट की आर्द्रता 0% से 95% तक होनी चाहिए।
15.मोटर जनरेटर सेट का शोर 90db से ज्यादा नही होना चाहिए।
16.मोटर जनरेटर की बियरिंग ग्रीस लुब्रीकेन्ट, एन्टी फ्रिक्शन प्रकार होनी चाहिए।
17.मोटर जनरेटर सेट मे परिवेश का तापमान 00C से 400C तक होना चाहिए।
18.मोटर जनरेटर सेट को किसी भी आवृत्ति पर सेट किया जा सकता है।
19.परिवर्ती स्पीड ड्राइव प्रेरण मोटर के तुल्यकालिक स्पीड के सिद्धांत पर कार्य करती है।
20.परिवर्ती आवृति मे उच्च इनरश प्राप्त नही होता है।
21.परिवर्ती स्पीड ड्राइव का प्रयोग डायनेमिक ब्रेकिंग तथा रिजनरेटिव ब्रेकिंग मे किया जाता है।
22.हॅाट कैथोड रेक्टिफायर उच्च वोल्टेज पर उच्च धारा सप्लाई करता है।
23.इलेक्ट्रानिक इनवर्टर स्विचिंग कार्य करता है।
24.मर्करी आर्क रेक्टीफायर को कोल्ड कैथेड रेक्टिफायर कहते है।
25.बैट्री चार्जिंग मे मैटल और टंगल रेक्टिफायर काम लेते है।
26.टंगर बल्व रेक्टिफायर को हॉट कैथोड रेक्टिफायर कहते है।
27.कॉपर आक्साइड रेक्टिफायर मे करंट की दिशा आक्साइड से कापॅर की तरफ होती है।
28.टंगर बल्व रेक्टिफायर मे कैथोड का कार्य टंगस्टन फिलामेट करता है।
29.रक्टिफायर मे करंट की दिशा उसके मटेरियल पर निर्भर करती है।
30.धात्विक रेक्टिफायर-कॉपर आक्साइड, कापॅर सल्फाइड, सेलेनियम
31.रोटरी इनवर्टर जब कनवर्टर की तरह कार्य करता है तो AC साइड पर तुल्यकालिक मोटर की तरह कार्य करेगा
32.रोटरी कनवर्टर जब इनवर्टर की तरह कार्य करता है तो DC साइड पर DC कम्पाउण्ड या DC शंट मोटर की तरह कार्य करेगा।
33.रोटरी इनवर्टर की गति स्थिरांक नही होती है।
34.इलैक्ट्रानिक इनवर्टर स्थैतिक इनवर्टर भी कहा जाता है।
35.मरकरी आर्क रेक्टिफायर ग्रेफाइट का बना होता है।
36.मैटल रेक्टिफायर की तुलना मे मर्करी आर्क रेक्टिफायर अधिक तापमान पर प्रचालित होता है।
37.सिलिकॉन कन्ट्रोल रेक्टिफायर त्री जंक्शन युक्ति है।
38.रेक्टीफायर Nonponon linear device है।
39.मोटर जनरेटर से स्थिर वोल्टेज प्राप्त होती है।
40.डी.सी. का प्रयोग- इलेक्ट्रोप्लेटिंग, आर्क लैम्प, बैट्री चार्जिंग आदि मे किया जाता है।
41.मोटर जनरेटर की दक्षत कम होती है।
42.सिलीनियम एक अचालक पदार्थ है।
43.धात्विक रेक्टीफायर का रेक्टीफेक्शन 18v 0.5A तक परिवर्तित कर देता है।
44.इन्वर्टर की आउटपुअ क्षमता 2000 वाट होती है।
45.सिलीनियम रेक्टीफायर के लिए प्रत्यावर्ती वोल्टेज का इनपुट का मान आउटपुट 10% अधिक होना चाहिए।
Comments
Post a Comment